Category Archives: Indian Culture

किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है….

अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है मैं जानता हूँ के दुश्मन भी कम नहीं लेकिन … Continue reading

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शून्य का आविष्कार – How the world knew about zero – I

कितना कुछ दिया है विश्व को हिंदुओं और हिंदू संस्कृति ने! हिंदू संस्कृति का अपना एक विशेष गौरव रहा है| हिंदुओं के प्राचीन ग्रंथों के मंथन से आज भी बहुत कुछ प्राप्त करने की आशा की जा सकती है| धन्य … Continue reading

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यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क

यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क? पेश हैं कुछ ताजा तर्क वहाँ के लोग बनाए घर यहाँ के builders बनाए house वहाँ के बिल पाले चूहें यहाँ के Bill बेंचे mouse वहाँ के लोग करे missed call यहाँ के … Continue reading

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Hinduism – an Intorduction

Hinduism is a universal religion. Its primary emphasis is on universal brotherhood. It views the world as one family. It believes that man is divine in nature and realization of that supreme truth as the primary aim of all human … Continue reading

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स्थिति स्थापकता संस्कार (elasticity)

स्थिति स्थापकता संस्कार “ये घना निविडा अवयव सन्निवेशा: तैर्विशिष्टेषु स्पर्शवत्सु द्रव्येषु वर्तमान:, स्थितिस्थापक: स्वाश्रयमन्यथा कृतमवनामितं यथावत्स्थाथयति पूर्ववदृजु करोति।” -प्रशस्तपाद, -भाष्य, न्यायकन्दली टीका   स्थिति स्थापकता 1 तापमान के समान ही ‘स्थितिस्थापकता’ किसी पिण्ड विशेष के अणुओं की सन्निकटता एवं उनके … Continue reading

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सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है (Sar faroshi ki tammana, aab humare dil mai hai)

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है – By Ram Prasad Bismil सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है । करता नहीं क्यों दुसरा कुछ बातचीत, देखता हूँ मैं जिसे … Continue reading

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बचपन की यादे , मछली जल की रानी है , पोशम्पा भाई पोशम्पा

बचपन की यादे — क्या आप इन्ही में से किसी कविता में अपना बचपन खोया हुआ देख पाते है ? मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है। हाथ लगाओ डर जायेगी बाहर निकालो मर जायेगी। ************ पोशम्पा भाई … Continue reading

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इस धरती पर मैने जन्म लिया… यह सोच कर मैं इतराता हुँ….

INDIA A land of beauty, A land of culture, A land which truly signifies UNITY Among DIVERSITY. A country which has the largest, oldest and continuous civilization in world. A country which is the largest democracy in the world. A … Continue reading

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धर्म महासभा: स्वागत भाषण का उत्तर -11 सित. 1893 (स्वामी विवेकानंद)

 स्वामी विवेकानंद के व्याख्यान  अमेरिकावासी बहनो तथा भाईयो, –आपने जिस सौहार्द और स्नेह के साथ हम लोगों का स्वागत किया हैं, उसके प्रति आभार प्रकट करने के निमित्त खड़े होते समय मेरा हृदय अवर्णनीय हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। … Continue reading

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भारतीय उम्मीदों पर जातिवाद का ग्रहण

भारत के सत्तर प्रतिशत लोगों को भारतीय होने पर गर्व है और देश के पचास प्रतिशत से अधिक लोगों को लगता है कि जाति प्रथा सामाजिक समरसता में सबसे बड़ी बाधा है. बीबीसी द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में ये … Continue reading

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